गुरू प्रेमनाथ अखाडा के संचालक हैं विक्रम सोनकर

कुस्ती कोच श्री विक्रम कुमार सोनकर देश के दिग्गज पहलवान श्री प्रेमनाथ (अर्जुन अवार्डी , ओलम्पियन) के लडके है। जिन्होने अपने अखाडे को सूचारू रूप से चलाने के लिये अपनी सरकारी नौकरी तक छोड दी थी । क्योकि श्री विक्रम कुमार के पिता की इच्छा थी की मेरे बाद भी अखाडा चलना चाहिये । उनकी इच्छा पूरी करने के लिये श्री विक्रम कुमार ने नौकरी को छोडकर अखाडे का रास्ता चुना ,

श्री विक्रम कुमार की मेहनत और लग्न तथा परिश्रम का ही नतीजा है की इस अखाडे के बच्चे मेडल जीतकर ला रहे है। इस अखाडा की उन्नती राठोर भविष्य की बडी पहलवान बन्ने की राह पर है। इसी अखाडे की दिव्या काकरान कई बार अपने आपको साबित कर चुकी है ।

तथा कई पुरूस्कार व मेडल जीतकर अखाडे का नाम रोशन किया है। इस अखाडा से जुडी ओर भी कई खिलाडी बडी कामयाबी की ओर अग्रसर है। इस सब के पीछे कुस्ती कोच श्री विक्रम कुमार की मेहनत को नजर अन्दाज नही किया जा सकता है।

मैने एक बार श्री विक्रम कुमार जी को कहा था कि ” क्यो नौकरी छोड दी कोच सहाब “, तब श्री विक्रम कुमार ने कहा था की पिता की इच्छा पूर्ती से बडी नौकरी की महत्वाकांक्षा तो नही हो सकती । यही बाते कोच सहाब को ओरो से अलग खडा करती है। अपने पिता के बताये रास्ते पर चलते – चलते श्री विक्रम कुमार ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

आज भी गुरू प्रेंमनाथ अखाडा मे कई सारी सुविधाओ का अभाव है। इस विषय पर दिल्ली सरकार / केन्द्र सरकार को संज्ञान लेना चाहिये । जिससे अखाडा तेजी से आगे बढ सके । नेताओ को समझना होगा की माईक पकड कर भाषण पेलने से बोट तो मिल सकते है। मेडल नही।

यदि सरकार गुरू प्रेमनाथ अखाडा के लिये कुछ कर पाती है तो वही गुरू जी प्रेमनाथ के लिये सच्ची श्रधाजंली होगी । वर्तमान मे गुरू प्रेंमनाथ अखाडा के संचालक श्री विक्रम कुमार है । श्री विक्रम कुमार एक शानदार कुस्ती कोच होने के साथ साथ सादगी पसंद शानदार इन्शान भी है।

रविन्द्र शामली जी की कलम से (पत्रकार)

Leave a Reply

%d bloggers like this: