आंचल गंगवाल उड़ाएंगी भारतीय वायुसेना का फाइटर प्लेन

पिता ने चाय बेचकर कराया बेटी आंचल गंगवाल का सपना पूरा ।

नीमच, मध्य प्रदेश में रहने वाली आंचल गंगवाल का भारतीय वायुसेना की उड़ान शाखा में चयन हो गया है इससे उनके परिवार में हर्ष का माहौल है साथ ही इससे उन्होंने पूरे खटीक समाज का नाम रौशन कर दिया है।
आंचल के पिता सुरेश गंगवाल नीमच बस अड्डे पर चाय की दुकान चलाकर परिवार का पेट पालते हैं और बेटी की इस उपलब्धि से बहुत ही गर्व महसूस कर रहे हैं ।
सुरेश ने कहा कि मुझे अच्छा लगता है जब लोग मेरे पास आकर के मुझे मेरी बेटी की कामयाबी के लिए बधाई देते हैं।  सुरेश ने कहा उन्होंने कभी भी अपनी आर्थिक तंगी को अपने तीनों बच्चों की पढ़ाई में बाधा नहीं बनने दिया।
सुरेश ने बताया कि इंदौर में आंचल की कोचिंग और अपने बड़े बेटे की इंजीनियरिंग के लिए लोन लेना पड़ा। बता दे कि सुरेश की तीसरी लड़की अभी 12वीं कक्षा में पढ़ती है। 

उनके चयन का परिणाम बीते 7 जून को आया था लेकिन मीडिया में आंचल गंगवाल की खबर तब वायरल हुई जब उनकी पारिवारिक स्थिति और पिता सुरेश गंगवाल की चाय की दुकान के बारे में पता चला।
अपनी इस कामयाबी से गदगद आंचल बेहद ही खुश है। आंचल ने बताया कि वह साल 2013 में उत्तराखंड में आई आपदा में भारतीय सेना द्वारा बचाव कार्य से इतनी प्रभावित हुई कि उसने भी तभी सेना में जाने का मन बना लिया था।

MP: Aanchal Gangwal,a tea seller’s daughter,makes it to flying branch of Air Force, being the only candidate from MP to clear the admn test for the yr. Says, ‘When I was in class 12 I was inspired with Armed Forces’ rescue ops during Uttarakhand flood. So decided to join defence. pic.twitter.com/xVKheOfcZ0

— ANI (@ANI) June 23, 2018आंचल बताती है कि जिस समय उत्तराखंड में भीषड़ आपदा आई थी। उस समय वह 12वीं कक्षा में पढ़ती थी। आंचल ने कहा कि उस आपदा के दौरान सेना के बचाव कार्य ने उसे काफी प्रभावित किया और उसे भी सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया।
लेकिन उस समय मेरे परिवार की आर्थिक स्थति कुछ अच्छी नहीं थी। आंचल ने बताया कि उसके लिए एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट पास करना कोई आसान काम नहीं था। बीते सालों में उसने बोर्ड द्वारा आयोजित पांच इंटरव्यू में हिस्सा लिया और छठी बार जाकर उसे सफलता मिली।
आंचल की ट्रेनिंग 30 जून से शुरू होगी और उनका भारतीय वायु सेना का फाइटर प्लेन उड़ाने का सपना पूरा हो जाएगा। आंचल ने जिस प्रकार और जिन परिस्थितियों में आत्मविश्वास बनाए रखते हुए सफलता हासिल की है वह देश की करोड़ों बेटियों के लिए प्रेरणादायक है।
उनकी सफलता इसलिए भी बड़ी है क्योंकि जिस परीक्षा से होकर वह गुजरी हैं उसके लिए देशभर से 6 लाख से ज्यादा आवेदन किए गए थे और महज 22 लोगों का चयन किया गया है । आंचल गंगवाल उन्हीं 22 लोगों में से हैं और मध्य प्रदेश से अकेली चयन पाने वाली हैं।

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